Monsoon love

When it rains
And the plains start to flood
That is when I think of you
And all the monsoons that we spent together
I wonder
If our love was seasonal
Just like the rains

There are days

There are days when I cannot see the sun shine
There are days when everything is gloomy
But there are never such days
When I see your face
And nothing seems imperfect.

वक़्त

धीरे धीरे वक़्त गुज़रता गया
और हमें पता भी ना चला
जब तक हमें होश आया
और जब तक हमने ज़माने की तरकीबें सीखी
तब तक हम कब्र में पहुँच गए

हम मज़हबो में अंतर नहीं समझ पाए

जब हम छोटे थे
तो हर कुछ साल के अंतराल
पिताजी का तबादला हो जाता था

कभी हमारे पड़ोसी हिंदू थे कभी मुस्लिम
कभी सिख कभी इसाई
कभी बौद्ध कभी जैन

कभी स्कूल और कलॉज़ में
दोस्तों के साथ रहते हुए
मज़हबो में अंतर नहीं समझ पाए

एक उम्र गुज़र गयी है
पर हम मज़हबो में अंतर नहीं समझ पाए
जो अब तक नहीं समझ पाए
वह आगे समझ कर क्या करेंगे

मुझे तो रात ही अच्छी लगती है

मुझे तो रात ही अच्छी लगती है
क्योंकि चाँद और तारे तो तभी नज़र आते है
किसी से झगड़ा भी नहीं होता
मम्मी की डांट नहीं सुननी पड़ती
और घर का काम भी नहीं करना पड़ता
पर मैं क्या करूँ
कोई मेरी बात समझता ही नहीं
मुझे स्कूल जाने के लिए
रोज़ सुबह मम्मी उठा देती है

Love

All I want is
To get love
And to give love
But if I don’t get any
I don’t give any

अम्मा क्यों भाग गयी थी

घर में सबसे छोटा था
अपनी मनमानी करता था
खूब लड़ दुलार होता था
बस उस दिन तक
जिस दिन तक अम्मा घर पर थी
एक दिन वो यु ही चली गयी
सब कहते है वो भाग गयी
बस फिर मैं बड़ा हो गया
किसी तरह अम्मा का पता ढूंढा
वहां गया तो देखा
अम्मा अपनी मनमानी कर रही थी
पहली बार मैंने अम्मा को खुश देखा था
फिर मैं समझा
अम्मा क्यों भाग गयी थी.

रिश्तों कि जंजीर

आसमान में उड़ते हुए परिंदों को देख मैने
आस हुई कि मैन भी उड़ चलू
हिम्मत बटोर के अपने छोटे से कमरे से निकली मैं
अपने बाहों और अंगों को खिंचा मैने
अपने परों को सहलाया
और फिर रुक गई
क्योंकि रिश्तों कि जंजीर ने बाँध लिया
जब अपने छोटे से बच्चे को बिलखते देख मैने

मैं वो कलम हूं

मैं वो कलम हूं
जिसकी स्याही कभी मिटती नहीं
अगर कुछ अच्छा लिखा जाये
तो व्यर्थ हो सकता हैं
अगर कुछ खराब लिखा जाये
तो अनर्थ हो सकता हैं.

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